आपका राशिफल
साप्ताहिक राशिफल
अपनी चंद्र राशि चुनें। राशिफल आज के ग्रह गोचर के आधार पर लिखे जाते हैं; व्यक्तिगत परामर्श के लिए किसी ज्योतिषी से बात करें।
मेष★★☆☆☆आपके 7वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 4वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 7वें भाव में शुक्र रिश्तों और विलासिता के ख़र्च में सावधानी माँगता है।वृषभ★★★★☆आपके 6वें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा को बल देता है। आपके 3वें भाव में मंगल उत्साह और संपत्ति के मामलों को बल देता है। आपके 6वें भाव में शुक्र रिश्तों और विलासिता के ख़र्च में सावधानी माँगता है।मिथुन★★★☆☆आपके 5वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 2वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 5वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।कर्क★★★☆☆आपके 4वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 1वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 4वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।सिंह★★★★☆आपके 3वें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा को बल देता है। आपके 12वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 3वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।कन्या★★★★☆आपके 2वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 11वें भाव में मंगल उत्साह और संपत्ति के मामलों को बल देता है। आपके 2वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।तुला★★★☆☆आपके 1वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 10वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 1वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।वृश्चिक★★★☆☆आपके 12वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 9वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 12वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।धनु★★★★☆आपके 11वें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा को बल देता है। आपके 8वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 11वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।मकर★★★☆☆आपके 10वें भाव में सूर्य करियर और प्रतिष्ठा को बल देता है। आपके 7वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 10वें भाव में शुक्र रिश्तों और विलासिता के ख़र्च में सावधानी माँगता है।कुंभ★★★★☆आपके 9वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 6वें भाव में मंगल उत्साह और संपत्ति के मामलों को बल देता है। आपके 9वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।मीन★★★☆☆आपके 8वें भाव में सूर्य ऊर्जा और मान-सम्मान में सावधानी माँगता है। आपके 5वें भाव में मंगल ग़ुस्से और दुर्घटनाओं में सावधानी माँगता है। आपके 8वें भाव में शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा को बल देता है।